इस Diwali बनाएं Perfect Gujiya घर पर चाशनी में डूबी मिठास से भरपूर Recipe

दिवाली का नाम सुनते ही मन में दीपों की जगमगाहट, रंगोली की रंगत, और रसोई से आने वाली मिठाइयों की खुशबू तैरने लगती है। और जब बात मिठाइयों की हो, तो गुजिया का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता! गुजिया, जिसे उत्तर भारत में “गुझिया” या “घुघरा” भी कहते हैं, दिवाली की थाली की शान है। यह कुरकुरी, चाशनी में डूबी, और मिठास से भरपूर मिठाई हर दिल को लुभाती है। कहते हैं, “गुजिया की मिठास से त्योहार का रंग और गहरा हो जाता है!” चाहे लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए भोग हो, मेहमानों का स्वागत हो, या बच्चों की फरमाइश – गुजिया हर मौके को खास बनाती है।

इस लेख में हम तुम्हें बताएंगे कि घर पर परफेक्ट गुजिया कैसे बनाएं, जो बाहर से कुरकुरी, अंदर से रसीली, और स्वाद में लाजवाब हो। साथ ही, हम गुजिया का इतिहास, क्षेत्रीय विविधताएँ, सात्विक महत्व, और कुछ मॉडर्न ट्विस्ट्स भी शेयर करेंगे। तो, चलो रसोई में उतरें और बनाएं चाशनी में डूबी परफेक्ट गुजिया!

Perfect Gujiya

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गुजिया का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

गुजिया सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। यह उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, और मध्य प्रदेश में होली और दिवाली जैसे त्योहारों का अभिन्न हिस्सा है। गुजिया का गोल-मटोल आकार और मिठास परिवार की एकता, समृद्धि, और खुशी को दर्शाती है। लक्ष्मी-गणेश पूजा में गुजिया को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है, क्योंकि यह सात्विक सामग्री (खोया, ड्राई फ्रूट्स, चीनी) से बनती है और शुद्धता का प्रतीक है। गुजिया को बांटना और मेहमानों को परोसना प्यार और मेहमाननवाज़ी का संदेश देता है। इसकी कुरकुरी परत और रसीली भरावन हर उम्र के लोगों को पसंद आती है, जिससे यह त्योहारों की जान बन जाती है।

परफेक्ट गुजिया की रेसिपी

यह रेसिपी पारंपरिक चाशनी में डूबी गुजिया की है, जो बाहर से कुरकुरी और अंदर से मिठास से भरी होती है। हम इसे स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे ताकि शुरुआती लोग भी इसे आसानी से बना सकें।

सामग्री (15-20 गुजिया के लिए)

आटे के लिए:

  • मैदा: 2 कप
  • घी: 1/4 कप (पिघला हुआ)
  • नमक: चुटकी भर
  • पानी: गूंधने के लिए (लगभग 1/2 कप, आवश्यकतानुसार)

भरावन के लिए:

  • खोया (मावा): 1.5 कप (कद्दूकस किया हुआ)
  • चीनी पाउडर: 3/4 कप
  • बादाम: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटे)
  • काजू: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटे)
  • पिस्ता: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटे)
  • किशमिश: 2 बड़े चम्मच
  • इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
  • नारियल बुरादा: 1/4 कप (वैकल्पिक)

चाशनी के लिए:

  • चीनी: 1.5 कप
  • पानी: 3/4 कप
  • केसर: चुटकी भर
  • गुलाब जल: 1 छोटा चम्मच
  • इलायची पाउडर: 1/4 छोटा चम्मच

तलने के लिए:

  • घी या रिफाइंड तेल: 2-3 कप

सजावट के लिए:

  • चांदी का वर्क: 2-3 शीट्स (वैकल्पिक)
  • पिस्ता (बारीक कटा): 1 बड़ा चम्मच

बनाने की विधि (40 मिनट)

स्टेप 1: आटा तैयार करें

  1. एक बड़े बाउल में मैदा, चुटकी भर नमक, और पिघला हुआ घी डालें। उंगलियों से अच्छे से मिलाएं ताकि मिश्रण ब्रेडक्रंब जैसा लगे (इसे “मोयन” कहते हैं)।
  2. थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंधें। आटा न ज्यादा नरम हो, न ज्यादा सख्त। इसे गीले कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए रख दें।
  3. टिप: सख्त आटा गुजिया को कुरकुरा बनाता है। ज़्यादा पानी न डालें।

स्टेप 2: भरावन तैयार करें

  1. एक नॉन-स्टिक पैन में खोया को मध्यम आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें (लगभग 5-7 मिनट)। इसे ठंडा होने दें।
  2. ठंडे खोया में चीनी पाउडर, बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश, नारियल बुरादा (अगर इस्तेमाल कर रहे हैं), और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं।
  3. टिप: चीनी पाउडर का इस्तेमाल करें ताकि भरावन चिकनी रहे। खोया को ज़्यादा न भूनें, वरना यह सख्त हो सकता है।

स्टेप 3: चाशनी बनाएं

  1. एक पैन में चीनी और पानी डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। चीनी पूरी तरह घुलने तक हिलाएं।
  2. चाशनी को 2-3 मिनट तक उबालें ताकि यह एक तार की चाशनी बन जाए। (चेक करने के लिए: दो उंगलियों के बीच चाशनी की बूंद को दबाएं; अगर यह एक पतला तार बनाए, तो तैयार है।)
  3. केसर और गुलाब जल डालकर गैस बंद करें। चाशनी को गुनगुना रखें।
  4. टिप: चाशनी को ज़्यादा गाढ़ा न करें, वरना गुजिया सख्त हो सकती है।

स्टेप 4: गुजिया बनाएं

  1. आटे को फिर से हल्का गूंधें और छोटे-छोटे गोले बनाएं (लगभग 15-20 गोले)।
  2. प्रत्येक गोले को 4-5 इंच की पतली पूड़ी बेलें। पूड़ी न ज्यादा पतली हो, न ज्यादा मोटी।
  3. एक पूड़ी के बीच में 1-1.5 बड़ा चम्मच भरावन रखें। किनारों पर पानी लगाकर पूड़ी को आधा मोड़ें और अर्धचंद्राकार (हाफ-मून) आकार दें। किनारों को अच्छे से दबाएं ताकि भरावन बाहर न निकले। कांटे या गुजिया मोल्ड से किनारों को डिज़ाइन करें।
  4. टिप: किनारों को अच्छे से सील करें ताकि तलते समय गुजिया न फटे।

स्टेप 5: गुजिया तलें

  1. एक कड़ाही में घी या तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। (घी से पारंपरिक स्वाद आता है, लेकिन तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं।)
  2. 3-4 गुजिया एक बार में डालें और धीमी-मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें (लगभग 5-7 मिनट प्रति बैच)। दोनों तरफ पलटें ताकि एकसमान पकें।
  3. टिप: धीमी आंच पर तलें ताकि गुजिया कुरकुरी बने और अंदर तक पक जाए।

स्टेप 6: चाशनी में डुबोएं

  1. तली हुई गुजिया को गुनगुनी चाशनी में डुबोएं। 1-2 मिनट तक डुबोकर रखें, फिर निकालकर एक ट्रे पर रखें।
  2. टिप: चाशनी में ज़्यादा देर न डुबोएं, वरना गुजिया नरम हो सकती है।

स्टेप 7: सजावट और सर्विंग

  1. गुजिया पर चांदी का वर्क (वैकल्पिक) और बारीक कटे पिस्ता छिड़कें।
  2. ठंडा होने पर परोसें या भोग के लिए थाली में सजाएं।
  3. सुझाव: एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। ये 10-15 दिन तक ताज़ा रहती हैं।
  4. सर्विंग: लक्ष्मी-गणेश पूजा में भोग चढ़ाएं या मेहमानों के साथ चाय के साथ परोसें।

पोषण संबंधी जानकारी (प्रति गुजिया, अनुमानित)

  • कैलोरी: ~150-200 kcal
  • प्रोटीन: ~3-4 ग्राम
  • फैट: ~8-10 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: ~20-25 ग्राम

💡 टिप: घी की मात्रा कम करके या बेक्ड वर्जन चुनकर कैलोरी कम की जा सकती है।

गुजिया बनाने के टिप्स

  1. सख्त आटा: गुजिया का आटा सख्त गूंधें ताकि यह कुरकुरी बने। ज़्यादा नरम आटा फट सकता है।
  2. खोया की गुणवत्ता: ताज़ा और बिना चीनी वाला खोया इस्तेमाल करें। इसे हल्का भूनें ताकि नमी कम हो।
  3. चाशनी का तापमान: चाशनी गुनगुनी होनी चाहिए। ठंडी चाशनी सोखी नहीं जाएगी, और गर्म चाशनी गुजिया को नरम कर सकती है।
  4. तलने की तकनीक: धीमी-मध्यम आंच पर तलें। ज़्यादा गर्म तेल से गुजिया बाहर से जल जाएगी और अंदर कच्ची रह सकती है।
  5. सीलिंग: किनारों को पानी या दूध से अच्छे से सील करें। गुजिया मोल्ड का इस्तेमाल आसान और सुंदर डिज़ाइन देता है।
  6. स्टोरेज: ठंडी और सूखी जगह पर एयरटाइट डिब्बे में रखें। चाशनी वाली गुजिया को फ्रिज में स्टोर करें।

गुजिया का इतिहास और क्षेत्रीय विविधताएँ

इतिहास

गुजिया की उत्पत्ति भारत के उत्तरी हिस्सों में मानी जाती है, खासकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान में। यह मिठाई मध्यकालीन भारत में लोकप्रिय हुई, जब खोया और ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाइयाँ शाही दावतों का हिस्सा थीं। गुजिया का नाम संभवतः “गुड़” (जो मिठास का प्रतीक है) से प्रेरित है। इसे होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों में बनाया जाता था, क्योंकि यह आसानी से स्टोर की जा सकती थी और मेहमानों को परोसने के लिए आदर्श थी। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि गुजिया का प्रभाव तुर्की और मध्य एशियाई मिठाइयों, जैसे बाकलावा, से भी हो सकता है, जो भारत में मुगल काल के दौरान आया।

क्षेत्रीय विविधताएँ

  • उत्तर प्रदेश: यहाँ गुजिया को खोया और चीनी से बनाया जाता है, और इसे चाशनी में डुबोया जाता है। किनारों को हाथ से गूंथा जाता है, जो इसे खास बनाता है।
  • राजस्थान: राजस्थानी गुजिया में अक्सर मावा और गुड़ की भरावन होती है, और इसे बिना चाशनी के सूखा परोसा जाता है।
  • गुजरात: गुजरात में इसे “घुघरा” कहते हैं, और नारियल, सूजी, और ड्राई फ्रूट्स की भरावन आम है। यहाँ चाशनी का इस्तेमाल कम होता है।
  • महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में “करणजी” के नाम से जानी जाने वाली गुजिया में नारियल और गुड़ की भरावन होती है, और इसे गोल्डन ब्राउन तलकर परोसा जाता है।
  • बिहार: यहाँ गुजिया को सूजी और खोया के मिश्रण से बनाया जाता है, और इसमें केसर का ज़ायका डाला जाता है।

सात्विक गुजिया और पूजा में इसका महत्व

गुजिया को सात्विक माना जाता है, क्योंकि यह बिना लहसुन-प्याज के बनती है और शुद्ध सामग्री (खोया, दूध, घी, ड्राई फ्रूट्स) से तैयार होती है। दिवाली में लक्ष्मी-गणेश पूजा के दौरान गुजिया को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है, क्योंकि यह समृद्धि, मिठास, और शुद्धता का प्रतीक है। इसे छोटे कटोरों या थाली में सजाकर भगवान को अर्पित किया जाता है, और फिर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। सात्विक गुजिया बनाते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • शुद्धता: रसोई और बर्तन साफ हों। भोग बनाते समय भक्ति भाव रखें।
  • सामग्री: ताज़ा खोया, घी, और ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल करें।
  • प्रस्तुति: गुजिया को सुंदर थाली में सजाकर चढ़ाएं।

वैरिएशन्स ऑफ गुजिया

गुजिया को अलग-अलग तरीकों से बनाकर मॉडर्न और हेल्दी ट्विस्ट दिया जा सकता है। यहाँ कुछ वैरिएशन्स हैं:

1. बेक्ड गुजिया (Baked Gujiya)

हेल्दी ट्विस्ट: तलने की जगह बेकिंग से कैलोरी कम की जा सकती है।

  • बदलाव: मैदा की जगह होल व्हीट आटा इस्तेमाल करें। चाशनी की जगह गुड़ पाउडर डालें।
  • विधि: गुजिया बनाकर बेकिंग ट्रे पर रखें। घी ब्रश करें और 180°C पर 20-25 मिनट बेक करें।
  • टिप: बेकिंग से पहले गुजिया पर दूध ब्रश करें ताकि यह सुनहरी हो।

2. सूजी गुजिया (Sooji Gujiya)

विवरण: खोया की जगह भुनी सूजी और नारियल की भरावन।

  • सामग्री: 1 कप भुनी सूजी, 1/2 कप चीनी पाउडर, 1/4 कप नारियल बुरादा, ड्राई फ्रूट्स।
  • टिप: सूजी को हल्का भूनें ताकि कच्चा स्वाद न रहे।

3. चॉकलेट गुजिया (Chocolate Gujiya)

मॉडर्न ट्विस्ट: बच्चों और युवाओं के लिए।

  • बदलाव: खोया में पिघली डार्क चॉकलेट मिलाएं। चाशनी की जगह चॉकलेट ग्लेज़ डालें।
  • टिप: 70% कोको वाली डार्क चॉकलेट का इस्तेमाल करें।

4. नारियल गुजिया (Coconut Gujiya)

विवरण: दक्षिण भारतीय स्टाइल में नारियल और गुड़ की भरावन।

  • सामग्री: 1 कप नारियल बुरादा, 1/2 कप गुड़ (पिघला हुआ), इलायची पाउडर।
  • टिप: गुड़ को पिघलाकर ठंडा करें ताकि भरावन आसानी से भरी जाए।

गुजिया बनाने में आम गलतियाँ और समाधान

  1. गुजिया का फटना:
    • कारण: आटा ज़्यादा नरम या किनारे अच्छे से सील न होना।
    • समाधान: सख्त आटा गूंधें और किनारों को पानी से अच्छे से सील करें।
  2. कुरकुरापन न होना:
    • कारण: तेल ज़्यादा गर्म होना या आटा नरम होना।
    • समाधान: धीमी-मध्यम आंच पर तलें और घी की सही मात्रा डालें।
  3. भरावन का बाहर निकलना:
    • कारण: ज़्यादा भरावन डालना।
    • समाधान: 1-1.5 बड़ा चम्मच भरावन ही डालें।
  4. चाशनी का न सोखना:
    • कारण: चाशनी ठंडी या ज़्यादा गाढ़ी होना।
    • समाधान: गुनगुनी और एक तार की चाशनी का इस्तेमाल करें।

गुजिया को स्टोर और परोसने के तरीके

  • स्टोरेज: चाशनी वाली गुजिया को फ्रिज में एयरटाइट डिब्बे में 10-15 दिन तक स्टोर करें। बिना चाशनी वाली गुजिया कमरे के तापमान पर 2-3 हफ्ते तक ताज़ा रहती है।
  • परोसने के तरीके:
    • भोग के लिए: छोटी थाली में 3-5 गुजिया सजाकर लक्ष्मी-गणेश को चढ़ाएं। चांदी का वर्क और पिस्ता से सजाएं।
    • मेहमानों के लिए: चाय या ठंडाई के साथ परोसें। छोटे पेपर कप में रखकर सर्व करें।
    • गिफ्टिंग: सुंदर डिब्बों में पैक करके रिश्तेदारों को गिफ्ट करें।
  • टिप: परोसने से पहले हल्का गर्म करें ताकि चाशनी की मिठास ताज़ा लगे।

गुजिया और दिवाली की परंपराएँ

दिवाली में गुजिया बनाना और बांटना एक खास परंपरा है। कई घरों में इसे परिवार के साथ मिलकर बनाया जाता है, जो एकता और खुशी का प्रतीक है। गुजिया को पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ बांटना प्यार और समृद्धि का संदेश देता है। कुछ जगहों पर, गुजिया को दीपावली की थाली में मिठाई, नमकीन, और फलों के साथ सजाया जाता है। यह मिठाई बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती है, जिससे यह त्योहार की मेज की शान बन जाती है।प्रोटीन रिच वेजिटेरियन रेसिपी कौन-सी हैं?
👉 मूंग दाल चीला, पनीर भुर्जी, सोया टिक्की, और स्प्राउट सलाद।

गुजिया दिवाली की मिठास और परंपरा का दिल है। इस रेसिपी के साथ तुम घर पर परफेक्ट गुजिया बना सकते हो, जो बाहर से कुरकुरी, अंदर से रसीली, और चाशनी में डूबी मिठास से भरपूर होगी। चाहे भोग चढ़ाना हो, मेहमानों को इंप्रेस करना हो, या परिवार के साथ मज़ा करना हो – यह गुजिया हर मौके को खास बनाएगी। इसे बेक्ड, सूजी, या चॉकलेट जैसे वैरिएशन्स के साथ ट्राई करें और अपनी दिवाली को और रंगीन बनाएं। बनाएं, बांटें, और अपनों के साथ खुशियाँ मनाएं। शुभ दीपावली!

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